JHAHIN/2014/58773

1 अक्टूबर से बदले नियम: झारखंड में कमर्शियल रसोई गैस महंगी, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी और OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य

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रांची।  अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ ही देश और राज्य में आम जनता की जेब, रसोई और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा बदलाव हो गया है। झारखंड के रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर समेत तमाम छोटे-बड़े शहरों में आज यानी 1 अक्टूबर 2026 से नए वित्तीय और व्यावहारिक नियम लागू कर दिए गए हैं। इन बदलावों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ घरेलू एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए सुरक्षा और सब्सिडी से जुड़े कड़े नियम शामिल हैं।

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर हुआ महंगा, त्योहारों से पहले बढ़ा बोझ
त्योहारी सीजन (दुर्गा पूजा और दिवाली) की दस्तक के बीच तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी  कर दी गई है। झारखंड के विभिन्न जिलों में अब कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ जाने से होटल, रेस्तरां, ढाबा संचालकों और हलवाइयों की लागत बढ़ जाएगी। आशंका जताई जा रही है कि त्योहारों के इस मौसम में बाहर खाना-पीना और मिठाइयां थोड़ी महंगी हो सकती हैं, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आधार ई-केवाईसी अनिवार्य
घरेलू एलपीजी गैस का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए आज से सब्सिडी पाने के नियम पूरी तरह बदल गए हैं। सरकार के नए निर्देशानुसार, गैस सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए उपभोक्ताओं के लिए आधार बायोमेट्रिक ई-केवाईसीकरवाना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपनी संबंधित गैस एजेंसी (इंडेन, एचपी या भारत गैस) में जाकर अपनी उंगलियों के निशान या चेहरे के जरिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी गैस सब्सिडी पर रोक लगाई जा सकती है। इस नियम का मुख्य उद्देश्य फर्जी और अवैध गैस कनेक्शनों पर लगाम लगाना है।

गैस डिलीवरी के समय अब ‘OTP’ व्यवस्था लागू
पारदर्शिता बढ़ाने और गैस सिलेंडर की चोरी रोकने के लिए तेल कंपनियों ने आज से ओटीपी (OTP) आधारित डिलीवरी वेरिफिकेशन की नई व्यवस्था शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत, जैसे ही डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर पहुंचाने आएगा, उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक ‘वन टाइम पासवर्ड’ (OTP) भेजा जाएगा। डिलीवरी बॉय को वह ओटीपी बताने और सिस्टम में दर्ज करने के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी पूरी मानी जाएगी। इस नई व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं में काफी उत्सुकता और कुछ तकनीकी सवाल भी हैं, लेकिन गैस एजेंसियों का कहना है कि इससे ब्लैक मार्केटिंग और सिलेंडर की हेराफेरी पर पूरी तरह रोक लगेगी।

प्रशासन ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए अपने नजदीकी गैस वितरक से संपर्क कर ई-केवाईसी की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कर लें।

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