नई दिल्ली। देश की राजधानी नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित नवनिर्मित झारखंड भवन में एक बड़ा और लापरवाही से भरा हादसा सामने आया है। पलामू के पूर्व सांसद घूरन राम का परिवार भवन की लिफ्ट में तकनीकी खराबी के कारण करीब एक घंटे तक फंसा रहा। लिफ्ट के भीतर भयंकर उमस और ऑक्सीजन की कमी के कारण पूर्व सांसद की पत्नी और बच्चों सहित परिवार के 6 सदस्य लिफ्ट के अंदर ही बेहोश हो गए। आपातकालीन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को बाहर निकाला गया और गंभीर हालत में नजदीकी राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घंटों मची रही अफरा-तफरी, मेंटेनेंस टीम पर लापरवाही का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व सांसद घूरन राम का परिवार झारखंड भवन में ठहरा हुआ था। गुरुवार को जब परिवार के सदस्य ऊपरी मंजिल से नीचे आने के लिए लिफ्ट में सवार हुए, तो तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट अचानक दो मंजिलों के बीच में ही अटक गई। परिवार के सदस्यों ने तुरंत अलार्म बजाया और मदद के लिए गुहार लगाई, लेकिन भवन के सुरक्षाकर्मियों और मेंटेनेंस टीम को लिफ्ट खोलने में काफी समय लग गया। बंद लिफ्ट के भीतर वेंटिलेशन न होने की वजह से धीरे-धीरे ऑक्सीजन खत्म होने लगी और घबराहट व उमस के कारण अंदर मौजूद लोग एक-एक कर अचेत होने लगे।
आपातकालीन रेस्क्यू के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती
काफी मशक्कत के बाद जब तकनीकी टीम ने लिफ्ट के दरवाजे को जबरन खोला, तो अंदर मौजूद सभी छह लोग अचेत अवस्था में मिले। इस घटना के बाद झारखंड भवन परिसर में हड़कंप मच गया। तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
इस घटना के बाद नवनिर्मित झारखंड भवन की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीआईपी और राज्य के अतिथियों के लिए बने इस आधुनिक भवन में इतनी बड़ी तकनीकी लापरवाही कैसे हुई, इसे लेकर स्थानीय प्रशासन जांच की बात कह रहा है।













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