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एशियन गेम्स 2026: अंतिम दिन भारतीय एथलीटों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, पदकों का नया कीर्तिमान स्थापित

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आईची-नागोया (जापान)। 20वें एशियाई खेल 2026 के अंतिम दौर में भारतीय दल ने अब तक का अपना सबसे ऐतिहासिक और सर्वश्रेष्ठ अभियान समाप्त किया है। खेलों के इस महाकुंभ में भारतीय खिलाड़ियों ने अपने अद्भुत जज्बे और शानदार कौशल के दम पर वैश्विक पटल पर तिरंगा लहराया है। तीरंदाजी, मुक्केबाजी, गोल्फ और कुश्ती जैसे प्रमुख खेलों में शानदार सफलता की बदौलत भारत ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

 तीरंदाजी और गोल्फ में ऐतिहासिक ‘गोल्ड‘

खेलों के अंतिम चरण की सबसे बड़ी और गौरवशाली सफलता तीरंदाजी के मैदान से आई। भारत की युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने महिलाओं के रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया । एशियाई खेलों के इतिहास में भारत को इस इवेंट में मिलने वाला यह पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक है।

गोल्फ कोर्स पर भी भारत का जलवा बरकरार रहा, जहां प्रणवी उर्स ने महिलाओं की व्यक्तिगत स्पर्धा में असाधारण खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया । इसके साथ ही भारतीय महिला टीम ने टीम इवेंट में भी रजत पदक पर कब्जा जमाया।

 कुश्ती और मुक्केबाजी में भारतीय शेरों का दबदबा

फ्रीस्टाइल कुश्ती के मैट पर सागर जागलान (74 किग्रा) और ओलंपिक पदक विजेता दीपक पूनिया (97 किग्रा) ने अपने आक्रामक प्रदर्शन से विरोधियों को पछाड़ते हुए देश को पदक दिलाए । वहीं, मुक्केबाजी रिंग में भारतीय दल ने शानदार मुक्केबाजी का प्रदर्शन करते हुए कुल 3 स्वर्ण और 3 कांस्य पदक अपनी झोली में डाले हैं।

पदक तालिका में भारत की ऐतिहासिक स्थिति

आधिकारिक और अंतिम स्टैंडिंग्स के अनुसार, भारतीय टीम ने कुल 81 पदक (19 स्वर्ण, 26 रजत और 36 कांस्य) के साथ पदक तालिका में 5वां स्थान हासिल किया है। भारत ने इस बार थाईलैंड को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष 5 देशों में अपनी जगह पक्की की। तालिका में हमेशा की तरह चीन पहले, जापान दूसरे और दक्षिण कोरिया तीसरे स्थान पर काबिज रहे।

यह एशियन गेम्स भारतीय खेलों के बदलते परिदृश्य और एथलीटों की बढ़ती वैश्विक ताकत की जीती-जागती मिसाल बनकर उभरा है, जो आने वाले ओलंपिक खेलों के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

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