जमशेदपुर। शारदीय नवरात्र को लेकर लौहनगरी में दुर्गोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर के विभिन्न पूजा पंडालों में भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य की तैयारियां तेज होने लगी हैं। इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा, जिसे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ माना जाता है। वहीं मां की विदाई मुर्गे पर होने की बात कही जा रही है, जिसे शोक और युद्ध का द्योतक माना जाता है।
पुरोहित संतोष त्रिपाठी ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस वर्ष शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी। नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं में नवरात्र के दौरान देवी के आगमन और प्रस्थान के वाहन का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि देवी के आगमन का वाहन वर्ष के नवरात्र आरंभ होने वाले दिन के आधार पर निर्धारित होता है। इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होने को शुभ संकेत माना जा रहा है। हाथी को सुख, समृद्धि, शांति और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में श्रद्धालुओं को इस वर्ष के दुर्गोत्सव से विशेष सकारात्मक उम्मीदें हैं।
वहीं मां की विदाई मुर्गे पर होने को लेकर धार्मिक मान्यताओं में इसे शोक एवं युद्ध से जोड़ा जाता है।
भूमि पूजन के साथ दुर्गा पूजा की तैयारी शुरू
लौहनगरी में दुर्गा पूजा को लेकर पूजा समितियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कई स्थानों पर भूमि पूजन संपन्न हो चुका है, जबकि अन्य पूजा समितियां भी जल्द ही पंडाल निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में हैं। इस वर्ष शहर में आकर्षक पंडाल, विद्युत सज्जा और प्रतिमाओं को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है। पूजा समितियां आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियों में जुटा है।
















Leave a Reply