JHAHIN/2014/58773

मानवता के सबसे बड़े सम्मान का शंखनाद: आज से शुरू हुआ नोबेल पुरस्कारों का ऐलान, दुनिया भर की टिकी नजरें

Spread the love

स्टॉकहोम/ओस्लो। ज्ञान-विज्ञान, साहित्य और विश्व शांति के क्षेत्र में दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार 2026 के विजेताओं की घोषणाओं का वैश्विक सिलसिला सोमवार (5 अक्टूबर) से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। अल्फ्रेड नोबेल की स्मृति में दिए जाने वाले इस 125 साल पुराने ऐतिहासिक सम्मान को लेकर दुनिया भर के विचारकों, वैज्ञानिकों और नीति-निर्माताओं में भारी उत्सुकता है। यह प्रतिष्ठित आयोजन 12 अक्टूबर तक चलेगा, जिसके दौरान कुल छह अलग-अलग श्रेणियों में मानव कल्याण के लिए अभूतपूर्व योगदान देने वाली शख्सियतों को शॉर्टलिस्ट कर सम्मानित किया जाएगा।

चिकित्सा से हुई शुरुआत, ये है पूरा शेड्यूल

नोबेल फाउंडेशन द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, घोषणाओं की समय-सारणी बेहद व्यवस्थित रखी गई है। फिजियोलॉजी या मेडिसिन (चिकित्सा) क्षेत्र के विजेता कि घोषणा सोमवार, 5 अक्टूबर को कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट द्वारा किया जाएगा। वहीं भौतिकी (Physics) क्षेत्र के विजेता की  घोषणा मंगलवार, 6 अक्टूबर को होगी। रसायन विज्ञान (Chemistry): बुधवार, 7 अक्टूबर, साहित्य (Literature): गुरुवार, 8 अक्टूबर, और नोबेल शांति पुरस्कार जिस पर पूरी दुनिया की नजरे टिकी हुई है उसकी घोषणा  शुक्रवार, 9 अक्टूबर को ओस्लो, नॉर्वे में नॉर्वेजियन नोबेल संस्थान द्वारा किया जाएगा। आर्थिक विज्ञान Economics क्षेत्र के विजेता की घोषणा  सोमवार, 12 अक्टूबर को की जाएगी। इन सभी लाइव घोषणाओं को नोबेल प्राइज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दुनिया भर के दर्शकों के लिए सीधा प्रसारित किया जा रहा है।

शांति पुरस्कार पर टिकीं वैश्विक निगाहें

इस वर्ष चिकित्सा जगत में जहां ऑटोइम्यून और इम्यून टॉलरेंस से जुड़ी महत्वपूर्ण खोजों पर ध्यान केंद्रित है, वहीं नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए भू-राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा कयास लगाए जा रहे हैं. इस बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है।

अल्फ्रेड नोबेल की विरासत और पुरस्कार राशि

डायनामाइट के आविष्कारक स्वीडिश वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर साल 1901 से इन पुरस्कारों को देने की परंपरा चली आ रही है। विजेताओं को इस सम्मान के तहत एक स्वर्ण पदक, एक कस्टमाइज्ड डिप्लोमा और करीब 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (लगभग 9 करोड़ रुपये) की भारी-भरकम इनामी राशि दी जाती है, जो उनके शोध कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद करती है। सभी चयनित नोबेल लॉरेट्स को आगामी दिसंबर में आयोजित होने वाले भव्य औपचारिक समारोहों में भौतिक रूप से यह पदक सौंपे जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is Twister !!