झाड़ग्राम। विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक चिंतन और ज्ञानचर्चा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लालगढ़ सरकारी महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग की ओर से शुक्रवार को विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभाग की दीवार पत्रिका ‘एषणा’ का औपचारिक विमोचन किया गया। साथ ही ‘योग, सिद्धांत और प्रयोग’ विषय पर छात्र संगोष्ठी भी आयोजित की गई।
दीवार पत्रिका ‘एषणा’ का विमोचन महाविद्यालय के प्राचार्य विश्वेश्वर चक्रवर्ती ने किया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी लेखन प्रतिभा, रचनात्मक सोच और विचारों को अभिव्यक्त करने का अवसर मिला। दीवार पत्रिका पाठ्यक्रम से इतर ज्ञान अर्जित करने और विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता के विकास का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
वहीं, ‘योग, सिद्धांत और प्रयोग’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में योग के दार्शनिक आधार, वर्तमान जीवन में इसकी प्रासंगिकता तथा दैनिक जीवन में योगाभ्यास के महत्व पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने योग को केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित न मानते हुए इसे मन के संयम, आत्मविश्लेषण और मानसिक शांति प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों को योग के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ इसके व्यावहारिक पक्ष से भी परिचित कराना था। महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग की इस पहल से विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण और रचनात्मक चिंतन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दीवार पत्रिका के विमोचन और छात्र संगोष्ठी के संयुक्त आयोजन के माध्यम से शिक्षा के साथ-साथ ज्ञानचर्चा, सृजनात्मकता और स्वस्थ जीवनदृष्टि के महत्व को रेखांकित किया गया।















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