रांची। झारखंड में 11वीं से 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं व नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की धीमी कार्यप्रणाली और टालमटोल के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जबरदस्त फटकार लगाई है।
4 हफ़्तों की मांग खारिज, महज़ 2 दिन की मोहलत
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मामले में जवाब और विस्तृत हलफनामा दाखिल करने के लिए 4 सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत मांगी गई थी। हालांकि, कोर्ट ने सरकार की इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि चूंकि यह मामला हजारों अभ्यर्थियों और पहले से नियुक्त हो चुके कर्मियों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इसमें अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने सरकार को सिर्फ 48 घंटे का समय देते हुए 18 सितंबर की सुबह तक अपना रुख स्पष्ट करने का अल्टीमेटम दिया।
CID जांच रिपोर्ट और रोक बरकरार
अदालत ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया है कि वह परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर चल रही सीआईडी (CID) जांच की प्रगति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने सरकार की नियुक्तियां रद्द करने वाली अधिसूचना पर लगाई गई अपनी अंतरिम रोक (Stay) को फिलहाल बरकरार रखा है, जिससे चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
छात्रों के भविष्य से जुड़ा है मामला
विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने सरकार के परीक्षा रद्द करने के फैसले का चौतरफा विरोध किया था, जिसके बाद यह मामला अदालत पहुंचा। अब अभ्यर्थियों की नजरें 18 सितंबर को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।













Leave a Reply