JHAHIN/2014/58773

बिहार MLC चुनाव: सारण से  शिक्षाविद प्रोफेसर दिनेश कुमार सिंह और गया से इंजीनियर कुमार गौरव जन सुराज के चेहरे होंगे।

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पीके का एलान—शिक्षकों और युवाओं के हक के लिए होगी आर-पार की लड़ाई

आईविजन व्यूरो

पटना। बिहार की राजनीति में पारंपरिक दलों को चुनौती दे रहे ‘जन सुराज’ के संयोजक प्रशांत किशोर ने सूबे के विधान परिषद (MLC) चुनावों के लिए अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक एलान कर दिया है। 20 सितंबर को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए योग्य उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। इस एलान के साथ ही उन्होंने बिहार के नियोजित शिक्षकों, वित्त रहित शिक्षाकर्मियों और बेरोजगार युवाओं को लेकर कई बड़े वादे किए हैं।

इन सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों का हुआ एलान

प्रशांत किशोर ने साफ किया कि ‘जन सुराज’ बिहार की व्यवस्था बदलने के संकल्प के साथ चुनावी मैदान में उतरी है और इसी कारण जमीन से जुड़े और शिक्षित चेहरों को मौका दिया गया है। घोषित किए गए प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं। जहां सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से  शिक्षाविद प्रोफेसर दिनेश कुमार सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया गया वहीं गया स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से युवा और सामाजिक कार्यकर्ता इंजीनियर कुमार गौरव जन सुराज के चेहरे होंगे।

पीके ने दावा किया कि ये उम्मीदवार किसी जातिवादी समीकरण के आधार पर नहीं, बल्कि अपनी योग्यता और समाज के प्रति निष्ठा के कारण चुने गए हैं।

नियोजित शिक्षकों और युवाओं के लिए प्रशांत किशोर के 3 बड़े वादे

मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार की मौजूदा नीतीश-भाजपा सरकार और पूर्ववर्ती राजद सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए वादा किया, यदि जन सुराज सत्ता में या निर्णायक भूमिका में आती है, तो बिहार के लाखों नियोजित शिक्षकों को नियमित सरकारी शिक्षकों के समान पूर्ण वेतनमान और सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का शोषण बिहार के भविष्य (बच्चों) का शोषण है। बिना किसी जटिल और अपमानजनक ‘सक्षमता परीक्षा’ के सभी कार्यरत शिक्षकों को सीधे राज्यकर्मी का दर्जा देने की वकालत की। बिहार के स्नातक युवाओं के पलायन पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जब तक युवाओं को राज्य में नौकरी नहीं मिलती, तब तक उन्हें उचित बेरोजगारी भत्ता मिलना चाहिए। उन्होंने अगले कुछ वर्षों में बिहार के भीतर ही 5 लाख नए रोजगार सृजित करने का एक विस्तृत ब्लूप्रिंट भी पेश किया।

लोगो को भा रहा है पीके का आक्रामक अंदाज

प्रशांत किशोर का ‘आक्रामक अंदाज’ बिहार के लोगों को बहुत पसंद आ रहा है। हर चौक चौराहे पर इसकी चर्चा हो रही है। पीके ने राजद और जदयू दोनों को ललकारते हुए कहा कि पिछले 30-35 सालों से जिन लोगों ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को आईसीयू (ICU) में पहुंचा दिया, आज वही लोग स्नातक और शिक्षक प्रतिनिधियों के नाम पर मलाई खा रहे हैं। इस बार बिहार का शिक्षक और पढ़ा-लिखा युवा अपनी कलम की ताकत से इन नेताओं का हिसाब करेगा। उनके इस बयान को युवाओं द्वारा खूब शेयर और सपोर्ट किया जा रहा है।

‘जन सुराज’ के इस आक्रामक कदम ने बिहार के राजनीतिक विश्लेषकों को यह मानने पर मजबूर कर दिया है कि आगामी एमएलसी चुनाव केवल एक सदन की सीट का मुकाबला नहीं है, बल्कि यह साल 2025-2026 के राजनीतिक बदलाव की एक बड़ी प्रयोगशाला बनने जा रहा है।

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