झाड़ग्राम। जमीन विवाद में वृद्धा को जिंदा जलाकर मार डालने के मामले में करीब 13 साल बाद अदालत का फैसला आया है। झाड़ग्राम की अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए आठ आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में झाड़ग्राम नगरपालिका के पूर्व तृणमूल कांग्रेस पार्षद और तत्कालीन अविभाजित मेदिनीपुर जिले के तृणमूल श्रमिक संगठन के नेता गौरांग प्रधान भी शामिल हैं।
मामला जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि सावित्री सरकार नामक वृद्धा पर केरोसिन डालकर आग लगा दी गई थी। गंभीर रूप से झुलसी सावित्री को झाड़ग्राम जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई थी।
घटना के बाद मृतका के छोटे बेटे संजय सरकार ने झाड़ग्राम थाने में गौरांग प्रधान और उनके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने सात अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। कुल 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। हालांकि, इनमें पांच आरोपी लंबे समय तक फरार रहे, जिससे सुनवाई में बार-बार बाधा आई। बाद में अदालत की ओर से उनकी संपत्ति जब्त करने का आदेश दिए जाने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी।
गौरांग प्रधान अविभाजित पश्चिम मेदिनीपुर जिला तृणमूल के महासचिव रह चुके हैं। वर्ष 2011 में उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया था, लेकिन बाद में उनकी वापसी हुई। वर्ष 2022 के नगरपालिका चुनाव में वे झाड़ग्राम के वार्ड नंबर दो से तृणमूल के टिकट पर पार्षद चुने गए थे।
सोमवार को अदालत ने आठ आरोपियों को दोषी करार दिया था। मंगलवार को सजा सुनाते हुए सभी आठों को उम्रकैद की सजा दी गई। लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे सावित्री सरकार के परिवार ने फैसले पर राहत जताई।

















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