33 से 36 करोड़ रुपये के सोना और नकदी लूट मामले में अपराधी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर, लगातार छापेमारी के बावजूद नहीं मिली सफलता
जमशेदपुर। गोलमुरी मस्जिद रोड स्थित केनरा बैंक में हुई करोड़ों रुपये की लूट की घटना को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर सकी है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी और तकनीकी जांच किए जाने के बावजूद पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है। वहीं, मामले की जांच के लिए गठित 20 सदस्यीय एसआईटी (विशेष जांच टीम) भी अब तक लुटेरों तक पहुंचने में नाकाम रही है। इतनी बड़ी लूट की घटना का खुलासा नहीं होने से पुलिस की जांच पर सवाल उठने लगे हैं।
गौरतलब है कि 24 सितंबर 2026 की सुबह करीब 9:10 बजे से 9:34 बजे के बीच पांच हथियारबंद अपराधियों ने केनरा बैंक की गोलमुरी मस्जिद रोड शाखा को निशाना बनाया था। रेनकोट पहने अपराधी बाइक से बैंक पहुंचे थे। बैंक खुलते ही सभी अपराधी अंदर घुस गए और हथियार के बल पर बैंक के सुरक्षा गार्ड तथा कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इसके बाद अपराधियों ने स्ट्रांग रूम और गोल्ड सेफ को निशाना बनाते हुए वहां रखे सोने और नकदी को लूट लिया और मौके से फरार हो गए।
23.8 किलो सोना और 43 लाख रुपये नकद ले गए थे अपराधी
इस वारदात में अपराधी बैंक से करीब 23.8 किलो गिरवी रखा सोना और 42 से 43 लाख रुपये नकद लूटकर ले गए थे। लूटे गए सोने और नकदी की कुल कीमत करीब 33 से 36 करोड़ रुपये आंकी गई थी। दिनदहाड़े बैंक में हुई इतनी बड़ी लूट की घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल जांच शुरू कराई थी।
20 सदस्यीय एसआईटी का भी नहीं मिला परिणाम
मामले के उद्भेदन और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए जमशेदपुर पुलिस ने 20 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। टीम को अलग-अलग बिंदुओं पर जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम की भी घोषणा की गई थी। पुलिस की विभिन्न टीमों ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और अपराधियों तक पहुंचने के लिए कई स्तरों पर जांच की, लेकिन एक महीने से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी न तो लूटे गए सोने और नकदी की बरामदगी हो सकी है और न ही इस वारदात में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिनदहाड़े बैंक में इतनी बड़ी लूट को अंजाम देने वाले पांच हथियारबंद अपराधी आखिर कहां गायब हो गए? 20 सदस्यीय एसआईटी और लगातार चल रही पुलिसिया जांच के बावजूद मामले का खुलासा नहीं होना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। शहरवासियों और बैंक ग्राहकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कब तक इस सनसनीखेज लूटकांड का खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार कर पाती है।















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