जमशेदपुर। झारखंड के लौहनगरी जमशेदपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। शनिवार (26 सितंबर) और रविवार (27 सितंबर) की दरम्यानी रात बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) की मुख्य बहुमंजिला इमारत की चौथी मंजिल पर भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने देखते ही देखते पूरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि इस बड़े हादसे में कोई हताहत (जान-माल का नुकसान) नहीं हुआ है। दमकल विभाग और सुरक्षा टीमों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
आधी रात को मची अफरा-तफरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे की है। बिष्टुपुर स्थित एलआईसी बिल्डिंग की चौथी मंजिल से अचानक धुएं के साथ आग की ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। आधी रात को आसमान में उठती लपटों को देखकर इलाके में हड़कंप मच गया।
इमारत के समीप स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के सतर्क सुरक्षाकर्मियों ने सबसे पहले आग की लपटों को देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना बिष्टुपुर पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी।
सुरक्षाकर्मियों का रेस्क्यू और फायर फाइटिंग ऑपरेशन
सूचना मिलते ही झारखंड अग्निशमन विभाग की गाड़ियां और बिष्टुपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए तत्काल टाटा स्टील की फायर ब्रिगेड टीम को भी सहायता के लिए बुलाया गया। आग लगने के समय इमारत के भीतर दो कर्मचारी मौजूद थे, जो अंदर ही फंस गए थे। बचाव दल ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत दोनों कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, लाखों के नुकसान का अनुमान
शुरुआती जांच और मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों के बयानों के आधार पर आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।
आग चौथी मंजिल पर स्थित एलआईसी के कार्यालय और कॉन्फ्रेंस हॉल में लगी थी। इस अगलगी में कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज, महंगे फर्नीचर, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और एयर कंडीशनर (AC) पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं। हालांकि, संपत्ति और दस्तावेजों के नुकसान का सटीक आकलन एलआईसी प्रबंधन के आधिकारिक सर्वे के बाद ही साफ हो पाएगा।
जांच में जुटा प्रशासन
रविवार सुबह से ही एलआईसी के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद हैं। इमारत के सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मलबे में दोबारा सुलगने की कोई गुंजाइश न रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।















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