नई दिल्ली। कृषि प्रधान भारत के अन्नदाताओं के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बेहद बड़ी और खुशियों भरी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक में किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और उनकी आय दोगुनी करने के संकल्प को दोहराते हुए सभी रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भारी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। विपणन सत्र 2026-27 के लिए ली गई इस कैबिनेट के फैसले के तहत, तेलहन और दलहन फसलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि देश को खाद्य तेलों के मामले में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
कुसुम की फसल पर ₹675 की बंपर बढ़ोतरी
कैबिनेट द्वारा घोषित नई दरों में सबसे ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी तेलहन फसल कुसुम के न्यूनतम समर्थन मूल्य में देखने को मिली है। सरकार ने कुसुम की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को इसके प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इसके एमएसपी में 675 रुपये प्रति क्विंटल की बंपर वृद्धि की है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस अभूतपूर्व बढ़ोतरी से देश के उन राज्यों (जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना) के किसानों को सीधा और बड़ा वित्तीय लाभ मिलेगा जहां कुसुम की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इस फैसले से किसानों की लागत पर बेहतरीन मुनाफा सुनिश्चित होगा।
गेहूं, चना और मसूर के एमएसपी में भी शानदार इजाफा
कुसुम के अलावा देश की मुख्य रबी फसल गेहूं के साथ-साथ चना, जौ, मसूर और सरसों की एमएसपी दरों में भी सम्मानजनक बढ़ोतरी की गई है। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों का उचित और लाभकारी मूल्य प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक मानसिक दबाव के खेती कर सकें। एमएसपी में यह वृद्धि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप, उत्पादन की औसत लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत का मुनाफा सुनिश्चित करने के सिद्धांत पर आधारित है।
आत्मनिर्भरता और खाद्य सुरक्षा की ओर मजबूत कदम
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कैबिनेट के इस फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बढ़ोतरी देश के करोड़ों किसानों के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। विशेष रूप से तिलहन फसलों की कीमतों में की गई यह बड़ी वृद्धि देश में खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता को कम करने में एक गेम-चेंजर साबित होगी। इस फैसले के बाद देश भर के किसान संगठनों और ग्रामीण इलाकों में खुशी की लहर है। जानकारों का कहना है कि आगामी बुवाई सीजन से ठीक पहले आई एमएसपी वृद्धि की यह घोषणा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया बूस्ट देगी।













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