रांची। झारखंड की राजधानी रांची में पुलिस ने एक बेहद संवेदनशील और बड़े मामले में कामयाबी हासिल की है। त्योहारों के इस सीजन में सक्रिय एक अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने त्वरित और गुप्त कार्रवाई के तहत 12 मासूम बच्चों को सकुशल मुक्त करा लिया है। इस घिनौने और अमानवीय अपराध को अंजाम देने वाले गिरोह के 13 से 15 संदिग्ध सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस की इस तत्परता से कई हंसते-खेलते परिवारों को उनके जिगर के टुकड़े वापस मिल गए हैं।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को पिछले कुछ दिनों से शहर के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और पूजा पंडालों के आस-पास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया गया। पुलिस की इस खुफिया टीम ने तकनीकी सेल की मदद से संदिग्ध मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। इसके बाद रांची के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जहाँ से इन मासूम बच्चों को बंधक बनाकर रखा गया था।
त्योहारों के सीजन में थे सबसे ज्यादा सक्रिय
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे आगामी बड़े त्योहारों के सीजन का फायदा उठाने की फिराक में था। भीड़भाड़ वाले इलाकों से बच्चों को पलक झपकते ही गायब कर देना इनका मुख्य पेशा था। मुक्त कराए गए बच्चों की उम्र 2 वर्ष से लेकर 8 वर्ष के बीच बताई जा रही है। पुलिस इन बच्चों की मेडिकल जांच कराने के साथ-साथ बाल कल्याण समिति (CWC) की देखरेख में उनके असली माता-पिता की पहचान करने में जुटी हुई है।
कई अन्य राज्यों से जुड़ी हैं गिरोह की कड़ियां
रांची पुलिस के मुताबिक, यह सिर्फ स्थानीय गिरोह नहीं है, बल्कि इसके तार एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी (Human Trafficking) नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से की गई शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि बच्चों को चोरी करने के बाद उन्हें दूसरे राज्यों में ऊंचे दामों पर बेचने या जबरन बाल श्रम और भीख मंगवाने के धंधे में धकेलने की योजना थी। गिरोह की कड़ियां पड़ोसी राज्यों बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल से भी जुड़ती नजर आ रही हैं।
पुलिस महानिदेशक और रांची एसएसपी ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और गिरोह के मुख्य सरगना तक पहुंचने के लिए अन्य राज्यों की पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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