तिरुपति (आंध्र प्रदेश)। शनिवार टीआईएल हेल्थकेयर फार्मास्युटिकल कंपनी में कर्मचारी अपनी शिफ्ट में काम कर रहे थे, तभी अचानक एक औद्योगिक वॉटर बॉयलर जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना भीषण था कि इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। विस्फोट के प्रभाव से कंक्रीट के ब्लॉक और फैक्टरी का मलबा चारों तरफ बिखर गया, जिससे पूरी फैक्टरी परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे में भारी हताहत, तीन राज्यों के मजदूर प्रभावित
तिरुपति के पुलिस अधीक्षक (SP) एल. सुब्बारायुडू ने हादसे और मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों में पश्चिम बंगाल के गौरव (35 वर्ष), मदारपक्कम के रमेश (52 वर्ष) और चेरुवू के चिन्ना मस्तानैया (48 वर्ष) शामिल हैं।
हादसे में घायल हुए 10 से अधिक अन्य श्रमिकों को गंभीर हालत में तुरंत सुल्लुरपेटा और चेन्नई के नजदीकी सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, कई मजदूरों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।
राहत कार्य और प्रशासनिक एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग और श्री सिटी SEZ की रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया। मलबे में दबे अन्य कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जिले के कलेक्टर और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
थर्ड पार्टी सेफ्टी ऑडिट का आदेश
विस्फोट के तुरंत बाद फैक्टरी के भीतर भीषण आग लग गई थी, जिस पर फायर टेंडर्स ने कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया। यह फैक्टरी मुख्य रूप से दवाओं और टैबलेट्स का निर्माण करती है। प्रशासन ने हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक रूप से इसे तकनीकी खराबी माना जा रहा है, लेकिन प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की भी जांच की जा रही है। सरकार ने औद्योगिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इकाई का एक व्यापक थर्ड-पार्टी सेफ्टी ऑडिट (Third-Party Safety Audit) कराने का कड़ा निर्देश जारी किया है।







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