जमशेदपुर। मानगो थाना क्षेत्र अंतर्गत गांधी घाट पर शनिवार की दोपहर एक हृदयविदारक घटना घटी। जिउतिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत के पावन अवसर पर अपनी मां के साथ स्वर्णरेखा नदी में स्नान करने आईं दो मासूम सगी बहनें अचानक नदी के गहरे पानी में चली गईं और तेज धार में बहने लगीं।

लापता बच्चियों की पहचान मानगो के समता नगर निवासी संतोष ठाकुर की बेटियों के रूप में हुई है। नदी किनारे मौजूद लोगों की तत्परता से एक बेटी को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि दूसरी बेटी नदी की उफनती लहरों में लापता हो गई है।
मां के सामने ही ओझल हो गई मासूम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समता नगर की महिलाएं जिउतिया पर्व के पारंपरिक स्नान के लिए बच्चों के साथ मानगो पुल के नीचे गांधी घाट पहुंची थीं। हालिया मूसलाधार बारिश के चलते स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब था और बहाव बेहद आक्रामक था। घाट पर नहाने के दौरान अचानक पैर फिसलने से दोनों बहनें गहरे पानी की ओर खिंची चली गईं। बच्चों को डूबता देख मां ने शोर मचाया, जिसके बाद घाट पर मौजूद स्थानीय युवकों और गोताखोरों ने तुरंत नदी में छलांग लगा दी।
कड़ी मशक्कत के बाद एक बच्ची को तो सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन दूसरी मासूम तेज धारा के साथ आगे बह गई और मां की आंखों के सामने ही ओझल हो गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, परिजनों में कोहराम
हादसे की सूचना मिलते ही मानगो थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम तुरंत गांधी घाट पहुंची। स्थानीय गोताखोरों और आपदा टीम की मदद से नदी में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि, शाम ढलने और पानी की तेज रफ्तार के कारण रेस्क्यू टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खबर लिखे जाने तक लापता बच्ची की तलाश लगातार जारी है।
इस हादसे के बाद जहां समता नगर इलाके में सन्नाटा पसर गया है, वहीं पीड़ित परिवार और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पर्व की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं।







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