सुल्तानपुर (उत्तर प्रदेश)। रविवार की सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर माइलस्टोन 121 (कूरेभार थाना क्षेत्र) के पास एक ऐसी दुखद घटना घटी जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर लेकर उनके गृह जिले जा रही एम्बुलेंस एक्सप्रेस-वे के किनारे खड़े एक विशाल कंटेनर ट्रक में पीछे से बेहद जोरदार तरीके से जा घुसी। टक्कर इतनी भयानक थी कि एम्बुलेंस के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
शहीद के घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गया परिवार
पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, असम में तैनात सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह का हाल ही में निधन हो गया था। उनके पार्थिव शरीर को दिल्ली से एम्बुलेंस के जरिए उनके पैतृक निवास (गाजीपुर) ले जाया जा रहा था। एम्बुलेंस में शहीद के बेटे और अन्य परिजन भी साथ चल रहे थे।
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों में शहीद सूबेदार मेजर के 26 वर्षीय बेटे आनंद सिंह, उनके साले वीरेंद्र सिंह (42 वर्ष), चचेरे भाई अजीत सिंह (35 वर्ष) और एम्बुलेंस के चालक शामिल हैं। एक तरफ जहां पूरा परिवार शहीद के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा था, वहीं इस दूसरी विनाशकारी खबर के पहुंचते ही गाजीपुर स्थित पैतृक गांव में कोहराम मच गया।
राहत कार्य और प्रशासनिक कार्रवाई
दुर्घटना की सूचना मिलते ही यूपीडा (UPEIDA) की रेस्क्यू टीम, स्थानीय कूरेभार थाने की पुलिस और एम्बुलेंस दस्ता तुरंत मौके पर पहुंचा। एम्बुलेंस की बॉडी को कटर से काटकर चारों शवों और शहीद के पार्थिव शरीर को बाहर निकाला गया। पुलिस ने चारों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। वहीं, सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर को दूसरी गाड़ी के माध्यम से ससम्मान उनके पैतृक गांव रवाना किया गया।
हादसे की मुख्य वजह
शुरुआती जांच के अनुसार, दुर्घटना सुबह के वक्त घने कोहरे/धुंध और एम्बुलेंस चालक को अचानक झपकी आने के कारण होना माना जा रहा है। एक्सप्रेस-वे के किनारे अवैध रूप से खड़े कंटेनर के कारण एम्बुलेंस चालक को संभलने का मौका नहीं मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस भीषण हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए जिला प्रशासन को त्वरित सहायता के निर्देश दिए हैं।











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