झाड़ग्राम। झाड़ग्राम वन विभाग के अधीन कार्यरत दैनिक मजदूरों की मजदूरी से जुड़े मुद्दे को जंगलमहल स्वराज मोर्चा ने मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया है। संगठन ने मुख्यमंत्री से मजदूरों की लंबित मजदूरी के भुगतान और वास्तविक कार्यदिवस के आधार पर पारिश्रमिक सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
जंगलमहल स्वराज मोर्चा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, करीब 74 दैनिक मजदूर लंबे समय से वन विभाग के विभिन्न कार्यों से जुड़े बताए गए हैं। इनमें वन संरक्षण, पौधरोपण, वन एवं वन्यजीव संबंधी कार्य, हाथी भगाने तथा जंगल की आग पर नियंत्रण जैसे कार्य शामिल होने की बात कही गई है।
संगठन के अनुसार, संबंधित मजदूरों को जून, जुलाई और अगस्त 2026 की मजदूरी अभी तक नहीं मिली है। कुछ मजदूरों की ओर से यह भी बताया गया है कि पूरे महीने कार्य करने के बावजूद भुगतान 19 दिनों के आधार पर किया गया। संगठन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, दैनिक 330 रुपये की दर से 19 दिनों का भुगतान 6,270 रुपये होता है। इन आंकड़ों और भुगतान की वास्तविक स्थिति की पुष्टि संबंधित विभाग के रिकॉर्ड से की जानी है।
जंगलमहल स्वराज मोर्चा का कहना है कि मजदूरों के भुगतान से जुड़े मामले में वास्तविक कार्यदिवस और विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। संगठन ने लंबित मजदूरी के भुगतान के साथ भविष्य में नियमित और समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था की मांग की है।
मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष अशोक महतो ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लंबित मजदूरी के भुगतान, वास्तविक कार्यदिवस के आधार पर पारिश्रमिक तथा कार्यदिवसों का उचित रिकॉर्ड रखने का आग्रह किया है। साथ ही लंबे समय से कार्यरत दैनिक मजदूरों के रोजगार की भविष्य की स्थिति पर भी प्रशासनिक स्तर पर विचार करने की मांग की गई। इस संबंध में वन मंत्री को भी लिखित रूप से अवगत कराया गया है।













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