मयूरभंज (ओडिशा): ओडिशा के मयूरभंज जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां एक उप-मंडल अस्पताल परिसर में खड़ी निजी एम्बुलेंस के भीतर ऑक्सीजन सिलेंडर में भीषण विस्फोट हो गया। इस धमाके के बाद एम्बुलेंस में अचानक भयंकर आग लग गई। हादसे के वक्त एम्बुलेंस के अंदर मौजूद एक मरीज की जिंदा जलकर बेहद दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, मरीज को बचाने की कोशिश और मलबे की चपेट में आने से दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
कब और कहाँ हुआ हादसा?
यह भयावह घटना मयूरभंज जिले के उदाला उप-मंडल अस्पताल परिसर में हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना गुरुवार रात (8 अक्टूबर) की है। मृतक मरीज की पहचान कुंदाबाई इलाके के रहने वाले 35 वर्षीय सुजोष बारीक के रूप में हुई है। सुजोष गंभीर रक्त संक्रमण से पीड़ित थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए उदाला अस्पताल से भुवनेश्वर के एक बड़े अस्पताल में रेफर किया गया था।
कैसे हुआ यह भीषण धमाका?
अस्पताल के सुरक्षा प्रभारी और पुलिस जांच के मुताबिक, जब मरीज सुजोष बारीक को भुवनेश्वर ले जाने के लिए निजी ऑपरेटर से बुलाई गई एम्बुलेंस में शिफ्ट किया जा रहा था, तभी यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही मरीज को ऑक्सीजन सपोर्ट देने के लिए सिलेंडर का वाल्व ऑन (चालू) किया गया, वैसे ही उसमें जोरदार धमाका हो गया।
शुरुआती जांच में ऑक्सीजन सिलेंडर लीक होने की आशंका जताई जा रही है। धमाका इतना शक्तिशाली था कि एम्बुलेंस की छत उड़कर लगभग 40 फीट दूर जा गिरी। छत का हिस्सा गिरने और आग की लपटों की वजह से मरीज के साथ मौजूद दो तीमारदार गंभीर रूप से झुलस गए।
अस्पताल परिसर में मची अफरा-तफरी धमाके की गूंज और एम्बुलेंस से उठती आग की भीषण लपटों को देखकर अस्पताल परिसर में मौजूद डॉक्टरों, मरीजों और उनके परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही उदाला से दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस ने घायलों को तुरंत आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर मेडिकल वाहनों में ऑक्सीजन सिलेंडरों की सुरक्षा और उनकी समय पर चेकिंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।















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