रांची। झारखंड में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के नेतृत्व में 10 चिकित्सा संगठनों द्वारा आज 22 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को फिलहाल टाल दिया गया है। सरकार के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद डॉक्टरों ने आंदोलन को 14 दिसंबर तक स्थगित करने का फैसला किया है।
बता दें कि राज्य के डॉक्टर पिछले 27 सितंबर से ज्वाइंट मेडिकल मूवमेंट के तहत चरणबद्ध आंदोलन कर रहे थे। 12 से 20 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर काम, 14 अक्टूबर को रिम्स और सदर अस्पताल में महाजुटान और 21 अक्टूबर को सांकेतिक हड़ताल के बाद 22 अक्टूबर से पूर्ण कार्य बहिष्कार का ऐलान किया गया था।
क्या हैं डॉक्टरों की 6 प्रमुख मांगें
डॉक्टरों की प्रमुख मांग मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को सख्ती से लागू करना। वहीं क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (CEA) में संशोधन – ग्रामीण में 30 और शहरी में 40 बेड तक के अस्पतालों को राहत देना। आयुष्मान भारत योजना के तहत समय पर भुगतान और उचित पैकेज। सरकारी अस्पतालों में खाली पदों पर नियमित भर्ती और DACP के तहत समयबद्ध पदोन्नति। इंटर्न, जूनियर और सीनियर रेजिडेंट की प्रोत्साहन राशि का नियमित भुगतान हो साथ ही अस्पतालों के पंजीकरण और लाइसेंस के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम लागू हो।
सरकार से क्या बनी सहमति?
16 अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में सरकार ने डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी को नोडल पदाधिकारी बनाने, सिंगल-विंडो सिस्टम लागू करने और अगले दो महीने में CEA संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट में भेजने पर सहमति जताई है।
IMA के प्रदेश सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने कहा है कि, “सरकार को मांगें पूरी करने के लिए 14 दिसंबर तक का समय दिया गया है। यदि तब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए तो 15 दिसंबर से राज्यभर के डॉक्टर पूर्ण हड़ताल पर चले जाएंगे।
















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