आदित्यपुर। पिछले दिनों जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर हुई सड़क दुर्घटना में कार सवार चार छात्रों की दर्दनाक मौत पर ‘इंडस्ट्रियल स्टेबिलिटी एंड रिफॉर्म ऑर्गनाइजेशन’ (इसरो) के अध्यक्ष रूपेश कतारियार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की।
उन्होंने इस घटना को अत्यंत हृदयविदारक बताते हुए कहा कि यदि मरीन ड्राइव पर खराब पड़ी गाड़ी को समय रहते किनारे हटा दिया गया होता, तो शायद इन होनहार युवाओं की जान बचाई जा सकती थी, कतारियार ने इस हादसे के संदर्भ में आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र सहित पूरे टाटा–कांड्रा, सरायकेला और चौका मार्ग की बदहाल यातायात व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में उद्योग और रोजगार तो बढ़े हैं, लेकिन सरकारी तंत्र सड़कों पर आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहा है।सरायकेला-खरसावां जिले के अखबार रोजाना सड़क हादसों की खबरों से भरे रहते हैं, जहां भारी वाहनों की तेज रफ्तार और अव्यवस्था के कारण मजदूर, स्कूली बच्चे और राहगीर अपनी जान गंवा रहे हैं।
अवैध पार्किंग और जर्जर आंतरिक सड़कें बनीं जानलेवा
रूपेश कतारियार ने कहा कि भारी वाहनों के लिए कोई निर्धारित पार्किंग जोन नहीं होने के चलते गाड़ियां सर्विस लेन और मुख्य सड़कों पर ही खड़ी कर दी जाती हैं, जिससे लगातार हादसे हो रहे हैं।इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कें पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। एनआईटी मोड़, सुधा मोड़ और उषा मोड़ पर शाम और सुबह की पाली में भीषण जाम लग जाता है।
उन्होंने मांग की कि प्रशासन को मुख्य व औद्योगिक मार्गों पर राउंड द क्लॉक (24 घंटे) ट्रैफिक पुलिसिंग लागू करनी चाहिए और गलत पार्किंग करने वालों पर भारी आर्थिक जुर्माना लगाना चाहिए।












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