झाड़ग्राम। जंगल और जमीन पर अधिकार से जुड़े वनाधिकार कानून को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए झाड़ग्राम में प्रशासन की ओर से विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित कार्यशाला में जिले के सभी आठ प्रखंडों से वनाधिकार कानून के क्रियान्वयन से जुड़े अधिकारियों के साथ वन पर निर्भर आदिवासी समुदायों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। कार्यक्रम में सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कार्यशाला में वनाधिकार कानून के प्रावधानों, इसके प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लोगों तक उनके अधिकार पहुंचाने के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया। कानून को लागू करने में आदिवासी विकास, भूमि एवं भूमि सुधार तथा वन विभाग की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
प्रशिक्षण सत्र में ओडिशा की वसुंधरा संस्था के कार्यक्रम निदेशक, शोधकर्ता एवं लेखक अरविंद राउत तथा कोलकाता की दिशा संस्था की ओर से अधिवक्ता शांतनु चक्रवर्ती ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में जानकारी दी।
कार्यशाला में अतिरिक्त जिलाधिकारी (भूमि एवं भूमि सुधार), परियोजना अधिकारी सह जिला कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी तथा झाड़ग्राम एडीएफओ मौजूद रहे। दिशा संस्था के सचिव शशांक देव और समाजसेवी झरना आचार्य भी उपस्थित थे।
प्रशासन की इस पहल को जिले में वनाधिकार कानून के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने और वनाश्रित समुदायों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
















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