दुमका। पर्व-त्योहारों के मौसम में आम लोगों की सेहत का रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जिसकी बानगी शुक्रवार को देखने को मिली, उपायुक्त अभिजीत सिन्हा के निर्देश पर दुमका शहर के विभिन्न होटलों और मिठाई दुकानों पर सघन जांच अभियान चलाया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से शहर के खाद्य कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति रही।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अंजना रानी मिंज के नेतृत्व में विभाग की टीम ने शहर के शिवपहाड़ चौक स्थित गोपाल स्वीट्स, फूलो-झानो चौक स्थित होटल जेडी इन और नापितपाड़ा इलाके के मंडल होटल, मून होटल, दत्ता होटल तथा नोनीहाट मिष्ठान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने केवल आगे सजे हुए काउंटर ही नहीं देखे, बल्कि रसोईघर और मिठाई निर्माण स्थलों के भीतर जाकर साफ-सफाई की जमीनी हकीकत भी परखी। लोगों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए टीम ने मौके पर ही मून होटल में पनीर की स्टार्च जांच की, हालांकि राहत की बात रही कि यह जांच में सही पाया गया।
निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों की चमक-दमक के पीछे की घोर लापरवाही उजागर हुई। रसोई और मिठाई बनाने वाली जगहों पर साफ-सफाई के मानकों की अनदेखी पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया। गंदगी मिलने पर होटल के संचालकों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा, बिना वैध खाद्य लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के ही बेखौफ होकर कारोबार कर रहे मंडल होटल और नोनीहाट मिष्ठान पर भी कार्रवाई की गई और दोनों पर दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इस पूरे अभियान में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कुल 19 हजार रुपये का अर्थदंड वसूला गया है।
अधिकारियों ने सभी कारोबारियों को सख्त चेतावनी दी है कि वे खाद्य सुरक्षा मानक का अक्षरशः पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।













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