मैसर्स आयन ब्रिक इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड का खाता एनपीए घोषित होने के बाद सरफेसी एक्ट के तहत हुई कार्रवाई

दुमका। उपराजधानी दुमका में बैंक ऋण की वसूली को लेकर जिला प्रशासन ने एक सख्त कदम उठाया है। शहर के रसिकपुर इलाके में स्थित एक आवासीय मकान पर प्रशासन ने सरफेसी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे कुर्क कर लिया और उसका भौतिक कब्जा इंडियन बैंक को सौंप दिया है। यह पूरी कार्रवाई करीब 2.59 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बकाया ऋण की वसूली के लिए की गई है। गुरुवार को दंडाधिकारी सह अंचल अधिकारी अमर कुमार की मौजूदगी में पुलिस बल के साथ इस संपत्ति पर विधिवत रूप से बैंक को कब्जा दिलाया गया।

क्या है पूरा मामला
आपको बता दे कि मैसर्स आयन ब्रिक इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड के नाम से साल 2021 में इंडियन बैंक से यह बड़ा ऋण लिया गया था। कर्ज लेने के बाद कुछ समय तक तो स्थिति सामान्य रही, लेकिन बाद में ऋण की नियमित अदायगी पूरी तरह से बंद हो गई। किश्तें जमा न होने के कारण अंततः वर्ष 2024 में बैंक ने इस खाते को एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया। समय के साथ ब्याज और मूलधन का आंकड़ा बढ़ता गया और वर्तमान में यह बकाया राशि 2 करोड़ 59 लाख रुपये के करीब पहुंच गई। इस कर्ज के एवज में कंपनी के निदेशक नलिन विलोचन झा और गारंटर मुन्नी झा के नाम पर रसिकपुर स्थित इस आवासीय संपत्ति को बैंक के पास बंधक के तौर पर रखा गया था। जब बार-बार नोटिस और चेतावनी देने के बावजूद बकायेदार की ओर से ऋण नहीं चुकाया गया, तो बैंक ने अपनी रकम वसूलने के लिए सरफेसी एक्ट का कानूनी हथियार इस्तेमाल किया। सारी विधिक औपचारिकताएं और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद प्रशासन ने संपत्ति का दखल-कब्जा दिलाने की रूपरेखा तैयार की और गुरुवार को इसे अमलीजामा पहना दिया।
















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