एसआईआर रोकने, सभी पात्र मतदाताओं के नाम बरकरार रखने और कथित राजनीतिक हिंसा व फर्जी मुकदमों पर रोक की मांग
मेदिनीपुर। काफी समय बाद मंगलवार को मेदिनीपुर की सड़कों पर लाल झंडों की बड़ी मौजूदगी दिखी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया पर रोक, सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बरकरार रखने तथा राजनीतिक हिंसा और कथित फर्जी मुकदमों पर रोक समेत विभिन्न मांगों को लेकर वामपंथी दलों ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक मार्च किया। मेदिनीपुर कॉलेज मैदान से शुरू हुआ जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरता हुआ जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने पहुंचा। पश्चिम मेदिनीपुर के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में वाम कार्यकर्ता और समर्थक इसमें शामिल हुए। जुलूस के दौरान लाल झंडों से शहर की सड़कें पट गईं।कार्यक्रम में माकपा की राज्यस्तरीय नेता मीनाक्षी मुखर्जी, माकपा के पश्चिम मेदिनीपुर जिला सचिव विजय पाल समेत जिला और क्षेत्रीय स्तर के कई नेता मौजूद रहे।मीनाक्षी मुखर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर तृणमूल कांग्रेस सरकार के 15 वर्ष के शासन से तुलना करते हुए सवाल उठाए। उन्होंने मतदाता सूची, एसआईआर प्रक्रिया और राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा। वाम नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और कथित झूठे मुकदमों का सिलसिला बंद होना चाहिए।मांगों को लेकर आयोजित इस मार्च और सभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने पश्चिम मेदिनीपुर के वाम खेमे का ध्यान आकर्षित किया
















Leave a Reply