खड़गपुर : रोजगार की तलाश में घर से निकले 16 नाबालिग लड़कों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दो अलग-अलग घटनाओं में बचाया। खड़गपुर मंडल के अंतर्गत शालीमार और ओडिशा के बालेश्वर रेलवे स्टेशन पर 26 और 28 अक्टूबर को चलाए गए अभियान के दौरान ये लड़के मिले। आरपीएफ ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत कार्रवाई करते हुए सभी को बाल कल्याण समितियों के सुपुर्द कर दिया।आरपीएफ के अनुसार, 28 अक्टूबर को शालीमार स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर नौ नाबालिग लड़के बिना किसी स्पष्ट उद्देश्य के घूमते मिले। पूछताछ में पता चला कि वे अपने अभिभावकों को बिना बताए घर से निकले थे और काम की तलाश में आंध्र प्रदेश के एलुरु जाने की योजना बना रहे थे। इनमें आठ लड़के दक्षिण 24 परगना और एक मालदा जिले का रहने वाला था। उनकी उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच थी। बाद में सभी को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए हावड़ा की बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया।
इसी तरह, 26 अक्टूबर को बालेश्वर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आरपीएफ ने सात नाबालिग लड़कों को बचाया। ये लड़के भी परिजनों की अनुमति के बिना रोजगार की तलाश में चेन्नई जाने की तैयारी में थे। सभी ओडिशा के मयूरभंज जिले के निवासी हैं। उनकी उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच बताई गई है। आरपीएफ ने उन्हें जरूरी देखभाल और जलपान उपलब्ध कराने के बाद चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से बालेश्वर की बाल कल्याण समिति को सौंप दिया।
रेलवे सुरक्षा बल के इस अभियान का उद्देश्य रेलवे परिसरों में असुरक्षित स्थिति में मिले बच्चों को संरक्षण देना और उन्हें संभावित शोषण तथा मानव तस्करी के खतरे से बचाना है।














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