‘
जमशेदपुर । झारखंड के प्रशासनिक, सामाजिक और नीतिगत हलकों में आज केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की एक ताजा वार्षिक रिपोर्ट सबसे ज्यादा चर्चा और चिंता का विषय बनी हुई है। इस राष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, सड़क हादसों की गंभीरता के मामले में झारखंड पूरे देश में तीसरे पायदान पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में सड़क हादसों की गंभीरता का दर 74.3 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया है। इसका सीधा और भयावह मतलब यह है कि राज्य में होने वाले हर 100 सड़क हादसों में औसतन 74 से अधिक लोग अपनी जान गंवा देते हैं।
इस रिपोर्ट के बीच जब राज्य के दो सबसे बड़े शहरी केंद्रों—रांची और जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम)—के स्थानीय आंकड़ों का विश्लेषण किया गया, तो स्थिति और भी डरावनी नजर आई।

जमशेदपुर का मरीन ड्राइव बना हादसों का नया केंद्र
स्थानीय पुलिस रिकॉर्ड के ताजा विश्लेषण के अनुसार, औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में सड़क सुरक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। वर्ष 2026 के शुरुआती सात महीनों में ही जमशेदपुर (शहरी और आस-पास के हाईवे) में 216 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 133 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि 96 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सोनारी मरीन ड्राइव (दोमुहानी) पर हाल ही में गुरुवार तड़के बीच सड़क पर बेतरतीब खड़े एक खराब ट्रक से कार की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में राज्य की मंत्री की बेटी समेत 4 बच्चों (युवाओं) की दर्दनाक मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। हादसे के बाद भी नेशनल हाईवे (NH-33) पर तुरूप टोल प्लाजा के पास भारी वाहनों की अवैध पार्किंग और बंद स्ट्रीट लाइटें लगातार जानलेवा साबित हो रही हैं।

रांची बना सबसे अधिक मौतों वाला जिला
वहीं राजधानी रांची में भी रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। लीड एजेंसी (रोड सेफ्टी, परिवहन विभाग) की जिलावार सांख्यिकी रिपोर्ट के अनुसार पूरे झारखंड में सड़क हादसों में सबसे अधिक मौतें अकेले रांची जिले में दर्ज की जा रही हैं, जहां हर साल औसतन 450 से अधिक लोग अपनी जान गंवाते हैं। रांची-जमशेदपुर मार्ग हो या रिंग रोड, भारी ट्रकों की बेतरतीब पार्किंग और रात के समय वाहनों की अत्यधिक रफ्तार मौतों का मुख्य कारण बनी हुई है।
परिवहन मंत्री का कड़ा एक्शन
जमशेदपुर मरीन ड्राइव हादसे और इस राष्ट्रीय रिपोर्ट के आने के बाद झारखंड के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने सख्त रुख अपनाते हुए पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए है। उन्होंने परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस को निर्देश दिए हैं कि मुख्य सड़कों और हाईवे पर अवैध व अनधिकृत रूप से पार्क किए गए भारी वाहनों और ब्रेकडाउन ट्रकों को तत्काल क्रेन की मदद से हटाया जाए और उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए।
















Leave a Reply